प्रेम, शक्ति और अनकहे सत्यों की खामोश हिंसा का एक मार्मिक अन्वेषण। जीवन एक अंधकारमय संगीत में वाद्ययंत्रों की तरह आपस में गुंथे हुए हैं, प्रत्येक में एक छिपा हुआ विरोधाभास है। शालीनता और संयम के नीचे तनाव सुलगता है - मनोवैज्ञानिक, अंतरंग, अथक। कुछ भी विस्फोट नहीं होता, फिर भी सब कुछ कांप उठता है। यह एक ऐसा उपन्यास है जहाँ परछाइयाँ प्रकाश से अधिक बोलती हैं।
परछाइयों की सिम्फनी
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